LIVE UPDATE

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में प्रशासन का बड़ा एक्शन! कर्तव्य में लापरवाही और अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना पर तीन पटवारी निलंबित

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने वाले तीन पटवारियों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा द्वारा जारी आदेश के तहत तीनों पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई को जिले में प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त करने और मैदानी कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नोटिस के बावजूद नहीं लौटे ड्यूटी पर, जोगी रवि कुजूर पर कार्रवाई

ये खबर भी पढ़ें…
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में प्रशासन का बड़ा एक्शन! कर्तव्य में लापरवाही और अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना पर तीन पटवारी निलंबित
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में प्रशासन का बड़ा एक्शन! कर्तव्य में लापरवाही और अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना पर तीन पटवारी निलंबित
November 6, 2026
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने वाले तीन...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

पेण्ड्रा तहसील के पटवारी जोगी रवि कुजूर, जिन्हें हल्का नंबर 03 का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था, के खिलाफ कर्तव्य पर वापसी के संबंध में नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद उनके द्वारा न तो संतोषजनक जवाब प्रस्तुत किया गया और न ही शासकीय कार्य पर वापसी की गई। तहसीलदार पेण्ड्रा की अनुशंसा एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पेण्ड्रा रोड के अनुमोदन के बाद उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पेण्ड्रा निर्धारित किया गया है।

बार-बार नोटिस के बाद भी नहीं सुधरी कार्यप्रणाली, कमलेश तंवर निलंबित

ये खबर भी पढ़ें…
गौरेला – पेंड्रा- मरवाही: हुतात्मा दिवस पर सेवा और समर्पण की मिसाल बना विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल, रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर में लोगों ने लिया हिस्सा
गौरेला – पेंड्रा- मरवाही: हुतात्मा दिवस पर सेवा और समर्पण की मिसाल बना विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल, रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर में लोगों ने लिया हिस्सा
November 6, 2026
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। हुतात्मा दिवस के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही द्वारा मानव सेवा और सामाजिक समर्पण...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मरवाही तहसील के हल्का नंबर 32 कटरा में पदस्थ पटवारी कमलेश तंवर पर पदीय दायित्वों के निर्वहन में लगातार गंभीर लापरवाही बरतने और शासकीय कार्यों से अनुपस्थित रहने के आरोप हैं। बताया गया है कि उन्हें कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद प्रशासन ने निलंबन की कार्रवाई की। उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय मरवाही निर्धारित किया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना, प्रभात कुमार खरे पर भी गिरी गाज

ये खबर भी पढ़ें…
पेंड्रा-राजस्व अधिकारी और भू-माफियाओं का एक और कथित फर्जीवाड़ा! पतगवां में आदिवासी जमीन का गैर-आदिवासियों के नाम नामांतरण, फिर कई रजिस्ट्रियों का खेल!
पेंड्रा-राजस्व अधिकारी और भू-माफियाओं का एक और कथित फर्जीवाड़ा! पतगवां में आदिवासी जमीन का गैर-आदिवासियों के नाम नामांतरण, फिर कई रजिस्ट्रियों का खेल!
November 7, 2026
पेंड्रा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जमीन से जुड़े विवादों के बीच पेंड्रा तहसील क्षेत्र के ग्राम पतगवां से आदिवासी भूमि के...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

वहीं, तहसील कार्यालय मरवाही में संलग्न पटवारी प्रभात कुमार खरे के विरुद्ध भी प्रशासन ने कार्रवाई की है। उन पर शासकीय कार्यों में अनुपस्थित रहने, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने तथा बिना अनुमति निर्धारित मुख्यालय और कार्यालय से अनुपस्थित रहने के आरोप सामने आए हैं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय मरवाही रहेगा।

निलंबन अवधि में मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता

कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तीनों निलंबित पटवारियों को नियमानुसार निलंबन अवधि के दौरान जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत की गई है।

प्रशासनिक कसावट का संदेश

तीन पटवारियों के एक साथ निलंबन से राजस्व विभाग के मैदानी अमले में स्पष्ट संदेश गया है कि शासकीय जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही, अनधिकृत अनुपस्थिति और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी को प्रशासन अब गंभीरता से ले रहा है। अब देखना होगा कि इस कार्रवाई के बाद जिले की राजस्व व्यवस्था में कितनी सुधारात्मक कसावट देखने को मिलती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *