LIVE UPDATE

नया रायपुर फिल्म सिटी: “माँ के नाम एक पेड़ और बाप के नाम लाखों पेड़ “, दीपक बैज का सरकार पर तीखा हमला

खाली जमीन होने के बावजूद जंगल काटना क्यों जरूरी?'

रायपुर: नया रायपुर में प्रस्तावित फिल्म सिटी के निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत पूरी तरह गरमा गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मुद्दे पर राज्य और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। मीडिया से बातचीत करते हुए बैज ने सरकार के पर्यावरण प्रेम पर गंभीर सवाल खड़े किए और इसे ‘नौटंकी’ करार दिया।

खाली जमीन होने के बावजूद जंगल काटना क्यों जरूरी?’

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

दीपक बैज ने कहा कि नया रायपुर में फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए लगभग 1500 से 2000 पेड़ों को काटने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के तमाम नेताओं के साथ-साथ आम नागरिक भी लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

सरकार से सवाल पूछते हुए बैज ने कहा:

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

“क्या पेड़ काटकर ही फिल्म सिटी बनाना जरूरी है? आप फिल्म सिटी बिल्कुल बनाइए, लेकिन नया रायपुर में हमारे पास हजारों एकड़ खाली जमीन पड़ी है। ऐसे में हरे-भरे जंगलों को काटना कहाँ की संवेदनशीलता है? सरकार में बैठा कोई भी व्यक्ति संवेदनशील नहीं रह गया है।”

प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान पर तंज

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

केंद्र की मुहिम पर तीखा तंज कसते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ सरकार नारा देती है—माँ के नाम एक पेड़’, और दूसरी तरफ ‘बाप के नाम लाखों पेड़’ काटे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरगुजा क्षेत्र में भी 6 से 7 लाख पेड़ काटने का प्रस्ताव भेजा गया है, जो आदिवासियों और पर्यावरण के साथ सरासर अन्याय है।

पीएम मोदी के विदेश दौरे और ‘सुशासन’ पर उठाए सवाल

दीपक बैज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा:
> “मोदी जी इटली जाते हैं, तो वहाँ मेलोनी के साथ मिलकर पेड़ लगाते हैं, लेकिन अपने देश में आकर पेड़ कटवा रहे हैं। यह कैसा गजब का सुशासन है? सरकार को यह नौटंकी तुरंत बंद करनी चाहिए।”

आदिवासियों पर अत्याचार बंद करने की माँग
पीसीसी चीफ ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जंगलों की अंधाधुंध कटाई से सबसे ज्यादा प्रभावित वहाँ के मूल निवासी और आदिवासी हो रहे हैं। सरकार को आदिवासियों पर अत्याचार बंद करना चाहिए और जंगलों को उजाड़ने के बजाय उन्हें बचाने के लिए ईमानदारी से काम करना चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *