कोरबा में कबाड़ सिंडिकेट और धमकी कांड से हड़कंप: पत्रकार को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप, ऑडियो वायरल, FIR दर्ज
कोरबा में कबाड़ कारोबार को लेकर बड़ा विवाद, कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

कोरबा ब्रेकिंग: कबाड़ विवाद में अधिवक्ता कमलेश साहू पर पत्रकार को धमकी देने का आरोप, ऑडियो वायरल—FIR दर्ज
पत्रकार योगेश सलूजा ने लगाए गंभीर आरोप, अधिवक्ता कमलेश साहू और कबाड़ कारोबारी मुकेश साहू पर विवाद गहराया

कोरबा जिले में कबाड़ कारोबार से जुड़े विवाद ने अब बड़ा रूप ले लिया है। पत्रकार योगेश सलूजा द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, एक खबर प्रकाशित करने के बाद उन्हें कथित तौर पर अधिवक्ता कमलेश साहू द्वारा फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। इस पूरे मामले का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते हुए मानिकपुर चौकी (थाना कोतवाली कोरबा) में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खबर प्रकाशित होते ही भड़का विवाद, पत्रकार को दी गई धमकी का आरोप

सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले कोतवाली क्षेत्र में पुलिस द्वारा कबाड़ से जुड़ा एक ट्रक रोका गया था, जो कथित रूप से मुकेश साहू से जुड़ा बताया जा रहा है। इसी घटना पर पत्रकार योगेश सलूजा ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसके बाद आरोप है कि कबाड़ कारोबारी मुकेश साहू के भाई और अधिवक्ता कमलेश साहू ने पत्रकार को फोन कर न सिर्फ गाली-गलौज की बल्कि गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी!


“खोजते हुए चौकी तक पहुंचा” — पत्रकार ने जताया डर
पत्रकार योगेश सलूजा का आरोप है कि धमकी यहीं नहीं रुकी, बल्कि कथित रूप से कमलेश साहू उन्हें खोजते हुए मानिकपुर चौकी क्षेत्र तक पहुंच गए। इस घटना से भयभीत होकर पत्रकार मौके से लौट गए और तत्काल शिकायत दर्ज नहीं कर सके। बाद में मामला बढ़ने पर पुलिस में शिकायत दी गई।
ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय, FIR दर्ज
घटना से जुड़ा एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें गाली-गलौज और धमकी की बातें होने का दावा किया जा रहा है। मामला पुलिस अधीक्षक तक पहुंचने के बाद मानिकपुर चौकी में अपराध क्रमांक 366/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि ऑडियो की जांच, कॉल डिटेल्स और सभी पक्षों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कबाड़ कारोबार से पुराना कनेक्शन और पहले के आरोप भी चर्चा में
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मुकेश साहू का नाम पहले भी कबाड़ चोरी से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। आरोप है कि कुछ समय पहले CSEB क्षेत्र में लोहे के पुराने पुल की कटाई और कबाड़ चोरी के मामले में कार्रवाई हुई थी, जिसमें गिरफ्तारी भी हुई थी।

इसी दौरान अधिवक्ता कमलेश साहू द्वारा कानूनी सहायता देकर जमानत दिलाने की भूमिका की चर्चा भी सामने आती रही है। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जाते रहे हैं कि विवादित मामलों में कानूनी दबाव बनाने और मामलों को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है, हालांकि इन सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
विवादित ऑडियो और सोशल मीडिया पर बहस तेज
वायरल ऑडियो के बाद सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से फैल गया है। कुछ लोग इसे पत्रकार सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे कबाड़ कारोबार और कानूनी प्रभाव के बीच का टकराव बता रहे हैं।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी डिजिटल साक्ष्य, वायरल ऑडियो और बयान रिकॉर्ड कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।कोरबा का यह मामला अब केवल एक विवाद नहीं रहा, बल्कि पत्रकार, कबाड़ कारोबार और कानूनी पक्षों के बीच टकराव के रूप में सामने आ रहा है। सच्चाई क्या है, यह पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।









