भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश राठौर पर FIR, सड़क रोककर दबंगई और धमकी का सनसनीखेज आरोप
हरदी बाजार में सत्ता की सनक पर सवाल—आम रास्ते पर रोक, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप, पुलिस जांच में मामला

कोरबा जिले के हरदी बाजार थाना क्षेत्र से सत्ता की कथित सनक और दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां भाजपा के मंडल अध्यक्ष दिनेश राठौर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। उन पर न केवल अभद्र व्यवहार करने, बल्कि जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय निवासी और ड्राइवर आनंद सिंह चौहान द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, वह 13 अप्रैल 2026 को अपने टिपर वाहन (CG12BU3920) से रलिया से अंधियारिपारा की ओर मिट्टी लेकर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में खड़े दिनेश राठौर ने कथित तौर पर वाहन को जबरन रुकवाया और आगे जाने से रोक दिया।
आरोपों की गंभीरता

शिकायत में दावा किया गया है कि जब ड्राइवर ने इसे गांव का आम रास्ता बताते हुए आगे बढ़ने की बात कही, तो मंडल अध्यक्ष कथित रूप से भड़क उठे और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जमकर अपमानित किया। यही नहीं, आरोप है कि स्थिति इतनी बिगड़ गई कि ड्राइवर को जान से मारने की धमकी तक दी गई, जिससे वह भयभीत होकर वाहन वापस लेकर लौट गया।
थाने में मामला दर्ज

घटना से डरे-सहमे ड्राइवर ने हरदी बाजार थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 296 और 351(3) के तहत केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
दबदबे और सायरन का आरोप शिकायतकर्ता ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि आरोपी क्षेत्र में दबदबा बनाए रखने के लिए कथित रूप से अपने निजी वाहन में पुलिस सायरन का उपयोग करते हैं और उसका उपयोग लोगों में डर पैदा करने के लिए किया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक माहौल गरमाया
मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र की राजनीति में उबाल आ गया है। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर भाजपा पर तीखे सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि संगठन में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जा रही है जिनका आचरण विवादों से घिरा है।विपक्ष ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा पर सवाल
इस घटना ने भाजपा संगठन की कार्यप्रणाली और पदाधिकारियों के चयन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि क्या पार्टी ऐसे मामलों में अपने पदाधिकारियों पर कोई सख्त कदम उठाएगी या मामला दबा दिया जाएगा। फिलहाल पूरा मामला पुलिस जांच के अधीन है। आरोप गंभीर हैं, लेकिन सत्यता जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। लेकिन इतना तय है कि इस घटना ने क्षेत्र में सियासी और सामाजिक दोनों स्तर पर हलचल तेज कर दी है।









