कोरबा का गुरसिया बना ‘नकल केंद्र’: ओपन स्कूल 10वीं-12वीं परीक्षा में खुलेआम गड़बड़ी के आरोप,दूसरे जिलों से उमड़ी भीड़,
पोड़ी उपरोड़ा के गुरसिया में ओपन परीक्षा में आज जमकर नकल के आरोप: व्यवस्था पर सवाल

कोरबा: गुरसिया बना नकल का अड्डा? ओपन स्कूल परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप
Gursia / Korba छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा अनुभाग अंतर्गत ग्राम गुरसिया स्थित ओपन स्कूल परीक्षा केंद्र में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान बड़े पैमाने पर नकल होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। शुक्रवार को 10वीं की मुख्य परीक्षा के दिन भी केंद्र में अव्यवस्था और खुलेआम नकल की शिकायतें सामने आईं।

बाहर से आने वाले छात्रों की बढ़ी संख्या
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस परीक्षा केंद्र में अन्य जिलों जैसे जांजगीर चांपा, बिलासपुर से वाले परीक्षार्थियों की संख्या असामान्य रूप से अधिक देखी गई है। आमतौर पर परीक्षा केंद्रों का आवंटन नजदीकी क्षेत्र के आधार पर होता है, लेकिन यहां दूर-दराज से छात्रों का पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है।

“सेटिंग” के नाम पर पैसे लेने का आरोप
सूत्रों का दावा है कि इस केंद्र पर नकल कराने के लिए प्रति छात्र ₹20,000 तक की राशि ली जा रही है। आरोप है कि यह एक संगठित “सेटिंग” के तहत किया जा रहा है, जिसके चलते छात्र दूसरे जिलों से भी यहां परीक्षा देने आ रहे हैं।

परीक्षा नियमों की अनदेखी
बताया जा रहा है कि परीक्षा के दौरान:
• कक्षाओं में निगरानी ढीली रही
• बाहरी मदद पहुंचाई गई
• नकल सामग्री का खुला उपयोग हुआ
यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है, बल्कि पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करता है।
कानून भी सख्त, फिर भी जारी गड़बड़ी
देश में परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 लागू किया गया है, जिसमें संगठित नकल या पेपर लीक जैसे मामलों में 3 से 10 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
इसके बावजूद इस तरह के आरोप सामने आना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
देशभर में बढ़ रही संगठित नकल की प्रवृत्ति
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियां कई बार संगठित रूप ले लेती हैं, जिसमें दलाल, स्थानीय नेटवर्क और अन्य लोग शामिल हो सकते हैं।
जांच की मांग तेज
स्थानीय लोगों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने प्रशासन से मांग की है कि:
• मामले की निष्पक्ष जांच हो
• दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
• परीक्षा केंद्र की निगरानी बढ़ाई जाए
ईमानदार छात्रों पर असर
इस तरह की घटनाएं उन छात्रों के लिए नुकसानदायक हैं जो ईमानदारी से परीक्षा देते हैं। इससे न केवल रिजल्ट की विश्वसनीयता घटती है, बल्कि योग्य छात्रों के भविष्य पर भी असर पड़ता है।









