गौरेला पेंड्रा मरवाही: झूठे दावों का पोस्टर या सच्चाई से पर्दा? बंद हेल्पलाइन और खाली सिलेंडरों ने जीपीएम प्रशासन की खोली पोल”
सोशल मीडिया में वायरल हुआ पोस्टर बना गुस्से की वजह, जनता बोली—जमीनी हकीकत से कोसों दूर है प्रशासन

पेंड्रा/जीपीएम:
जिले में एलपीजी आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन का दावा अब सवालों के घेरे में आ गया है। प्रशासन द्वारा जारी पोस्टर में जहां एलपीजी की “पर्याप्त उपलब्धता” और “सुव्यवस्थित होम डिलीवरी” की बात कही गई है, वहीं जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं को इसके बिल्कुल विपरीत हालातों का सामना करना पड़ रहा है।

सोशल मीडिया पर यह पोस्टर जमकर वायरल हो रहा है और लोगों के बीच तीखी चर्चा का विषय बना हुआ है। यूजर्स खुले तौर पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं और इसे आम जनता को गुमराह करने वाला कदम बता रहे हैं।
हेल्पलाइन नंबर बना सबसे बड़ा सवाल

पोस्टर में शिकायत के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर 9179764425 अब पूरे विवाद का केंद्र बन गया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस नंबर पर कॉल करने पर कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलता, यहां तक कि इनकमिंग कॉल भी रिसीव नहीं की जा रही। ऐसे में यह हेल्पलाइन व्यवस्था सिर्फ दिखावे तक सीमित नजर आ रही है।
सिलेंडर खत्म, डिलीवरी बंद—कहां है ‘पर्याप्तता’?

पेंड्रा क्षेत्र में गैस एजेंसी पर सिलेंडर खत्म होने और होम डिलीवरी पूरी तरह बंद होने की खबरें सामने आई हैं। इससे प्रशासन के दावों की सच्चाई पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।जब लोगों को समय पर गैस नहीं मिल रही, तो “पर्याप्त एलपीजी” का दावा आखिर किस आधार पर किया जा रहा है?
जनता पूछ रही सीधे सवाल
• क्या प्रशासन जमीनी हकीकत से अनजान है या जानबूझकर नजरअंदाज कर रहा है?
• क्या हेल्पलाइन सिर्फ औपचारिकता निभाने के जारी की गई?
• क्या गैस एजेंसियों पर प्रशासन की कोई निगरानी है भी या नहीं?
विश्वसनीयता पर संकट
इस पूरे मामले ने जिला प्रशासन की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब आधिकारिक जानकारी और वास्तविक स्थिति में इतना बड़ा अंतर सामने आता है, तो आम जनता का भरोसा डगमगाना स्वाभाविक है।
अब कार्रवाई जरूरी
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि
• हेल्पलाइन नंबर को तत्काल चालू किया जाए
• गैस एजेंसियों की जांच हो
• एलपीजी आपूर्ति की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए
ताकि जनता को राहत मिल सके और प्रशासन की पारदर्शिता बनी रहे।









