कोरबा में खाद की कालाबाजारी पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 56 बोरी यूरिया जब्त, 5 दुकानों पर विक्रय प्रतिबंध
अप्रैल से अब तक 115 प्रतिष्ठानों की जांच

कोरबा। आगामी खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए कोरबा जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिले में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कृषि विभाग द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान कई उर्वरक प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके बाद विभाग ने सख्त कार्रवाई की है।
जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहां निरीक्षण किया। जांच के दौरान उर्वरक भंडारण, विक्रय रजिस्टर, स्टॉक की उपलब्धता, मूल्य सूची, पीओएस मशीन के माध्यम से बिक्री और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की पड़ताल की गई।

उप संचालक कृषि डी.पी.एस. कंवर ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। 29 मई 2026 को किए गए निरीक्षण में कुल 18 उर्वरक दुकानों की जांच की गई। इनमें 6 प्रतिष्ठानों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। वहीं एक दुकान के विरुद्ध विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई पाली विकासखंड के ग्राम सिरली स्थित सिद्धी विनायक ट्रेड्स पर हुई, जहां निर्धारित नियमों के विपरीत भंडारित की गई 56 बोरी यूरिया को जब्त किया गया। विभाग का मानना है कि उर्वरकों का अवैध भंडारण किसानों के लिए कृत्रिम संकट उत्पन्न कर सकता है, इसलिए ऐसे मामलों में सख्ती बरती जा रही है।

अप्रैल से अब तक 115 प्रतिष्ठानों की जांच
कृषि विभाग के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से लेकर अब तक जिले के 115 सहकारी एवं निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इस दौरान अनियमितता पाए जाने पर कुल 28 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा 5 निजी उर्वरक दुकानों पर 21 दिनों के लिए विक्रय प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं सिरली स्थित प्रतिष्ठान से 56 बोरी यूरिया जब्त करने की कार्रवाई भी की गई है।

किसानों के हितों की सुरक्षा प्राथमिकता
जिला प्रशासन का कहना है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में कुछ विक्रेताओं द्वारा अधिक कीमत वसूलने, स्टॉक छिपाने अथवा नियमों का उल्लंघन करने की शिकायतें सामने आती हैं। इन्हीं संभावनाओं को देखते हुए विभाग द्वारा लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध हो सके।
बिल लेना न भूलें किसान
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी उर्वरक या कृषि आदान सामग्री की खरीदारी करते समय विक्रेता से पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलता है, बिल देने से इनकार करता है या उर्वरक उपलब्ध नहीं होने का बहाना बनाता है, तो इसकी जानकारी तत्काल संबंधित विकासखंड कृषि अधिकारी अथवा जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष को दें।
निरीक्षण अभियान रहेगा जारी
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं को रोकने के लिए जिले में निरीक्षण एवं निगरानी अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। विभाग का कहना है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।









