KORBA : सलिहाभांठा पंचायत उपचुनाव में लोकतंत्र का उत्सव, भांजा बहू और भतीजे के बीच कांटे की टक्कर, 1456 मतदाता तय कर रहे भाग्य
पूर्व गृह मंत्री के परिवार में सीधा मुकाबला

कोरबा। त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के तहत करतला विकासखंड की ग्राम पंचायत सलिहाभांठा में सरपंच पद के लिए मतदान शांतिपूर्ण और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हो रहा है। सुबह से ही मतदान केंद्रों में मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कुल 1456 मतदाता बैलेट बॉक्स में दोनों प्रत्याशियों की किस्मत बंद कर रहे हैं। पूरे पंचायत क्षेत्र में चुनाव को लेकर उत्साह का माहौल है और हर किसी की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि पंचायत की बागडोर आखिर किसके हाथों में जाएगी।
युवा सरपंच के निधन के बाद हो रहा उपचुनाव

गौरतलब है कि ग्राम पंचायत सलिहाभांठा पूर्व सांसद स्वर्गीय डॉ. बंशीलाल महतो और पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर का गृह ग्राम है। वर्ष 2025 के पंचायत चुनाव में युवा प्रत्याशी नवरंगलाल कंवर ने सरपंच पद पर जीत दर्ज कर मतदाताओं का विश्वास हासिल किया था। लेकिन चुनाव जीतने के कुछ ही महीनों बाद उनके आकस्मिक निधन से पंचायत में शोक की लहर दौड़ गई थी। उनके निधन के कारण सरपंच पद रिक्त हो गया था, जिस पर अब उपचुनाव कराया जा रहा है।
पूर्व गृह मंत्री के परिवार में सीधा मुकाबला

इस उपचुनाव की सबसे खास बात यह है कि मुकाबला पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर के ही परिवार के दो सदस्यों के बीच है। एक ओर उनकी भांजा बहू प्रभा देवी रामप्रसाद कंवर मैदान में हैं, जो पूर्व में सरपंच रह चुकी हैं और अपने कार्यकाल का अनुभव लेकर जनता के बीच पहुंची हैं। वहीं दूसरी ओर ननकीराम कंवर के सगे भतीजे विजय कंवर पंचायत के विकास और नई सोच के वादों के साथ चुनावी मैदान में उतरे हैं।
परिवार के भीतर ही राजनीतिक मुकाबला होने के कारण यह चुनाव पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। पंचायत के मतदाता भी इस दिलचस्प मुकाबले को लेकर उत्साहित नजर आ रहे हैं।

पहली बार मुख्य ग्राम सलिहाभांठा से नहीं उतरा कोई प्रत्याशी
पंचायत चुनाव के इतिहास में यह पहला अवसर है जब मुख्य ग्राम सलिहाभांठा, जहां पंचायत के लगभग 60 प्रतिशत मतदाता निवास करते हैं, वहां से किसी भी प्रत्याशी ने सरपंच पद के लिए दावेदारी नहीं की है। दोनों उम्मीदवार आश्रित ग्राम बंधवाभांठा से हैं। पंचायतवासियों को उम्मीद थी कि आपसी सहमति से निर्विरोध नेतृत्व चुना जाएगा, लेकिन सहमति नहीं बन पाने के कारण चुनाव की स्थिति निर्मित हो गई।
सलिहाभांठा बनेगा जीत-हार का सबसे बड़ा केंद्र
सरपंच पद के लिए कुल 1456 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जिनमें 745 पुरुष और 711 महिला मतदाता शामिल हैं। पंचायत के कुल मतदाताओं में लगभग 60 प्रतिशत मतदाता मुख्य ग्राम सलिहाभांठा से हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिस प्रत्याशी को सलिहाभांठा के मतदाताओं का समर्थन मिलेगा, उसकी जीत की संभावना काफी मजबूत हो जाएगी।
सुबह 10:30 बजे तक ही मतदान का प्रतिशत काफी उत्साहजनक रहा। भीषण गर्मी के बावजूद मतदाता बड़ी संख्या में मतदान केंद्र पहुंचते रहे और लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी भागीदारी निभाते नजर आए।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया
उपचुनाव को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मतदान केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। वहीं मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया है, जहां आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
अब पूरे पंचायत क्षेत्र की निगाहें मतगणना और नतीजों पर टिकी हुई हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर के परिवार की इस चुनावी जंग में जीत का ताज भांजा बहू प्रभा देवी के सिर सजेगा या फिर भतीजे विजय कंवर के हिस्से में पंचायत की कमान आएगी। फिलहाल इसका फैसला बैलेट बॉक्स में बंद हो चुका है।









